बुधवार, 26 अगस्त 2015

बिहार में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार छात्र-संघ चुनाव क्यों नहीं ?

बिहार में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार छात्र-संघ चुनाव क्यों नहीं ?
आज बिहार की स्तिथी किसी से छुपी नहीं है.बिहार की शिक्षा वयस्था आज बिहार के लिया कलंक बन चुकी है.चारो तरफ शिक्षा में लुट मची है.बिहार के कुछ को छोर दे तो आज किसी भी स्कूल,कोलेज में पढाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है.और बिहार सरकार अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में बिहार के शिक्षा वयस्था को आई सी यू में डालने का कम कर दिया .मित्रो आज फिर से बिहार जे पी जैसे महान हस्तियों को जन्म लेना परेगा.क्या बिहार में जी पी पैदा नहीं हो सकता क्या ? मित्रो हम,आप बन सकते हैं.और बिहार को फिर से दुनिया के नजरों में सबसे आगे ला सकते हैं.मित्रो इसका सबसे बड़ा करना जो है बिहार में २९ साल से छात्र संघ का चुनाव नहीं हुआ.कुछ साल बिहार के दो विश्वविद्यालय में हुई भी लेकिन फिर बंद कर दिया.इन वन्शवादों के नेता को लगता है यदि बिहार में छात्र संघ चुनाव हो गया तो मेरा ये दलाली,टिकट बेचने का धंधा बंद हो जायेगा जब नया नेत्रित्व चुन कर आयेगा.आपको जानकर आश्चर्य होगा की आज बिहार में जितना भी सत्ता से लेकर विपक्ष तक जितने भी नेता हैं.लगभग सभी छात्र संघ चुनाव से चुनकर नेता बने और छात्रो के अधिकार को दबाने का कम किया.आज फिर से बिहार के छात्रों के लिए एक चुनोती की घड़ी आ गयी है. बिहार के इस निक्कमी सरकर को जगाने का कम कर बिहार में फिर से छात्र संघ चुनाव बहाल करवाकर सभी गरीब छात्रों,टेलेंटेड छात्रों को भी राजनीती में आने का मौका मिले.